इल्ली चने की फसल को प्रभावित करती है.
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News1820-01-2026, 10:43

चने की फसल पर इल्ली का प्रकोप: फूल आते ही खतरा बढ़ा, ₹700 में सुरक्षा चक्र

  • जनवरी-फरवरी में फूल आने के दौरान चने की फसल पर पाला और इल्ली का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आती है.
  • कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बुवाई के 40-60 दिन बाद का समय फसल के लिए सबसे संवेदनशील होता है, जिसमें अधिक पोषण और सुरक्षा की आवश्यकता होती है.
  • जय श्री कृषि विकास केंद्र, सतना के कीटनाशक विशेषज्ञ अमित सिंह ने इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी को इल्ली नियंत्रण के लिए प्रभावी बताया है.
  • इमामेक्टिन बेंजोएट के साथ बोरोन और सूक्ष्म पोषक तत्वों वाला टॉनिक छिड़कने से फूल झड़ने से रुकते हैं और पौधे की वृद्धि बेहतर होती है.
  • सही समय पर छिड़काव (40-50% फूल आने पर पहला, 15 दिन बाद दूसरा), हल्की सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण ₹700 प्रति एकड़ के खर्च पर फसल को सुरक्षित रख सकते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सही समय पर कीटनाशक, पोषण और सिंचाई से ₹700 प्रति एकड़ में चने की फसल को इल्ली से बचाया जा सकता है.

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