चना की फसल
कृषि
N
News1831-01-2026, 13:50

दलहनी फसलों पर खतरा: सेमिलूपर-फली बेधक कर सकते हैं उपज नष्ट; किसानों को चेतावनी

  • फरवरी का महीना चना, मटर और मसूर जैसी दलहनी फसलों के लिए कीटों और बीमारियों के हमलों के कारण बेहद नाजुक है.
  • सेमिलूपर और फली बेधक कीट अत्यधिक सक्रिय हैं, जो पत्तियों को काटकर और फलियों में छेद करके महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाते हैं.
  • कृषि विशेषज्ञ डॉ. हादी हुसैन खान ने नियंत्रण के लिए एजाडिरेक्टिन (नीम का तेल) का छिड़काव करने की सलाह दी है, जिसमें प्रति हेक्टेयर 5 लीटर दवा को 500-600 लीटर पानी में मिलाया जाता है.
  • फली बेधक के गंभीर संक्रमण के लिए, फेनवलरेट धूल (20-25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर) का उपयोग करने की सलाह दी जाती है.
  • सही समय और तकनीक महत्वपूर्ण है: सुबह में पाउडर वाले कीटनाशकों का छिड़काव करें और शाम को तरल दवाओं का छिड़काव करें, हमेशा बेहतर प्रभावकारिता के लिए स्टिकर मिलाएं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: किसानों को फरवरी में दलहनी फसलों की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए और उपज हानि को रोकने के लिए समय पर कीट नियंत्रण करना चाहिए.

More like this

Loading more articles...