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News1825-12-2025, 09:07

गेहूं बुवाई में देरी? चिंता न करें! इन तरीकों से पाएं रिकॉर्ड तोड़ पैदावार.

  • झारखंड और बिहार में रबी सीजन में गेहूं की खेती किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, जो खाद्य सुरक्षा और आय का आधार है.
  • कृषि विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश शाह के अनुसार, गेहूं की बुवाई में देरी होने पर भी सही तकनीकों से अच्छी पैदावार संभव है.
  • दिसंबर 10 तक बुवाई सर्वोत्तम है, लेकिन 15 जनवरी तक भी बुवाई की जा सकती है; देरी होने पर प्रति हेक्टेयर बीज की मात्रा 25% बढ़ाएं (125 किलोग्राम).
  • 'साफ' फफूंदनाशक (100 किलोग्राम बीज के लिए 200 ग्राम) से बीज उपचार करें, यह शुरुआती बीमारियों और मिट्टी के फंगस से बचाता है.
  • सही समय-सीमा, उचित बीज मात्रा और बीज उपचार अपनाकर किसान देरी के बावजूद स्वस्थ और उच्च उपज वाली गेहूं की फसल प्राप्त कर सकते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: देरी से गेहूं बुवाई में भी बढ़ी हुई बीज मात्रा और उचित उपचार से रिकॉर्ड तोड़ पैदावार संभव है.

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