कटिहार की सरस्वती मूर्तियों की धूम, सीमांचल से बंगाल तक बढ़ी डिमांड

कटिहार
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News18•21-01-2026, 22:13
कटिहार की सरस्वती मूर्तियों की धूम, सीमांचल से बंगाल तक बढ़ी डिमांड
- •कटिहार, जो कभी सरस्वती मूर्तियों के लिए पश्चिम बंगाल पर निर्भर था, अब एक प्रमुख मूर्ति निर्माण केंद्र बन गया है.
- •युवा मूर्तिकार करण कुमार, अपनी पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, पारंपरिक कला और आधुनिक सौंदर्यशास्त्र का मिश्रण करके मूर्तियाँ बनाते हैं.
- •करण कुमार की कार्यशाला में 1,000 से 15,000 रुपये तक की सरस्वती मूर्तियाँ उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत आकार, स्वरूप और कलात्मक बारीकियों पर निर्भर करती है.
- •यहाँ तैयार की गई मूर्तियाँ बंगाली पारंपरिक शैली के साथ स्थानीय संस्कृति को दर्शाती हैं, जिससे कोसी-सीमांचल और बंगाल में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है.
- •स्थानीय मूर्ति निर्माण से रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं और ग्राहकों का समय व पैसा बच रहा है, जो पहले बंगाल जाते थे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कटिहार सरस्वती मूर्ति निर्माण का एक आत्मनिर्भर केंद्र बन गया है, जिसकी मांग सीमांचल से बंगाल तक है.
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