बहुरूपियों का दर्द: सूरजकुंड मेले में हंसते चेहरों के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई

फरीदाबाद
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News18•04-02-2026, 15:37
बहुरूपियों का दर्द: सूरजकुंड मेले में हंसते चेहरों के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई
- •फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में बहुरूपिये रावण, डाकू, जिन्न और फिल्मी किरदारों के वेश में लोगों का मनोरंजन करते हैं.
- •जयपुर के सागर बहुरूपिया बताते हैं कि यह प्राचीन कला, जो पीढ़ियों से चली आ रही है, आधुनिक समय में जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रही है.
- •मेलों से कुछ आय होती है, लेकिन लगातार काम और पर्याप्त पारिश्रमिक की कमी के कारण बहुरूपियों के लिए अपने परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता है.
- •अलवर के नागोरी बहुरूपिया, जो जिन्न गुलफाम का किरदार निभा रहे हैं, ने चिंता व्यक्त की कि पेशे की अस्थिरता और भविष्य की कमी के कारण युवा पीढ़ी इसमें रुचि खो रही है.
- •बहुरूपिये अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए सरकार और समाज से समर्थन चाहते हैं, यह जोर देते हुए कि केवल तालियों से इस पारंपरिक कला को जीवित नहीं रखा जा सकता है.
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