The EU is the world's largest exporter of steel scrap
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Moneycontrol27-01-2026, 09:28

भारत-ईयू एफटीए से स्टील स्क्रैप आयात में मिलेगी राहत, CBAM का असर होगा कम.

  • भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में स्टील स्क्रैप के आयात को आसान बनाने के प्रावधान शामिल होने की उम्मीद है.
  • भारतीय इस्पात निर्माता ईयू के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) के प्रभाव को कम करने और कम कार्बन वाले इस्पात निर्माण की ओर बढ़ने के लिए स्क्रैप तक पहुंच चाहते हैं.
  • इस महीने से प्रभावी CBAM, कार्बन-गहन इस्पात उत्पादों पर 30% तक शुल्क लगाता है, जिससे यूरोप को भारतीय निर्यात प्रभावित होता है.
  • ईयू स्टील स्क्रैप का सबसे बड़ा निर्यातक है, जो इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) आधारित इस्पात निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें कार्बन उत्सर्जन कम होता है.
  • ईयू स्क्रैप तक सुनिश्चित पहुंच भारतीय इस्पात निर्माताओं को उत्सर्जन कम करने, लागत का प्रबंधन करने और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद करेगी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए का लक्ष्य भारतीय इस्पात निर्माताओं को CBAM का मुकाबला करने और हरित इस्पात को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण स्क्रैप पहुंच प्रदान करना है.

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