विवाहित बेटी को पिता की संपत्ति में समान अधिकार: 2005 कानून का स्पष्टीकरण.

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News18•05-01-2026, 16:38
विवाहित बेटी को पिता की संपत्ति में समान अधिकार: 2005 कानून का स्पष्टीकरण.
- •हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 में 2005 के संशोधन के बाद, विवाहित बेटियों को भी पिता की संपत्ति में बेटों के समान अधिकार प्राप्त हैं.
- •यह संशोधन 9 सितंबर, 2005 को लागू हुआ; संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा करने के लिए बेटी का इस तारीख को जीवित होना आवश्यक है.
- •बेटी का संपत्ति में समान अधिकार उसके जन्म से जुड़ा है, न कि संशोधन की तारीख पर पिता के जीवित होने से.
- •प्रशांत लाल के मामले में, जहां पिता का निधन 2000 से पहले हुआ था लेकिन विवाहित बहन 2005 में जीवित थी, उसे समान हिस्सा मिलेगा.
- •संपत्ति को मां, बेटे और बेटी के बीच समान रूप से बांटा जा सकता है, या सहमति से असमान रूप से; बेटी अपना हिस्सा छोड़ भी सकती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 2005 के हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम संशोधन के तहत विवाहित बेटियों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार हैं.
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