संपत्ति में बेटी का बराबर का हक उसके जन्म से जुड़ा है। जन्म लेने के साथ ही बेटी संपत्ति में बराबर की हकदार बन जाती है।
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Moneycontrol02-01-2026, 18:00

विवाहित बेटी का पिता की संपत्ति में समान अधिकार: कानून ने किया स्पष्ट.

  • हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में 2005 में संशोधन किया गया, जिससे बेटियों को बेटों के समान संपत्ति का अधिकार मिला, चाहे वे विवाहित हों या अविवाहित.
  • यह संशोधन 9 सितंबर, 2005 से प्रभावी हुआ; यदि बेटी इस तारीख को जीवित थी, तो उसे अधिकार है, पिता का जीवित होना आवश्यक नहीं.
  • बेटी का संपत्ति का अधिकार उसके जन्म से जुड़ा है, जिससे वह जन्म से ही HUF संपत्ति में समान हिस्सेदार बन जाती है.
  • CA बलवंत जैन ने पुष्टि की कि प्रशांत लाल की विवाहित बहन, जो 9 सितंबर, 2005 को जीवित थी, को पिता की HUF संपत्ति में समान हिस्सा मिलेगा.
  • संपत्ति को सहमति से समान या असमान रूप से बांटा जा सकता है, और बेटियां चाहें तो अपना हिस्सा छोड़ सकती हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विवाहित बेटियों को 2005 के हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम संशोधन के तहत पिता की संपत्ति में समान अधिकार है.

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