नंदकुमार के किसानों ने बदली किस्मत: पौधों का व्यवसाय बना मुनाफे का नया जरिया.

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News18•18-12-2025, 16:59
नंदकुमार के किसानों ने बदली किस्मत: पौधों का व्यवसाय बना मुनाफे का नया जरिया.
- •नंदकुमार के कोलसोर गांव के किसानों ने घाटे वाले पारंपरिक कृषि से पौधों के उत्पादन का लाभदायक व्यवसाय अपनाया.
- •कोलसोर और पियादा गांवों में लगभग 250 नर्सरी फूल, फल और सजावटी पौधों के पौधे तैयार करती हैं.
- •पौधों का निर्यात ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक होता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है.
- •2000-2500 लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस व्यवसाय से जुड़े हैं, जिससे जीवन स्तर और आत्मनिर्भरता बढ़ी है.
- •नर्सरी मालिक बुद्धदेव बेरा का लक्ष्य अगले साल 1-1.5 लाख बोगनविलिया के पौधे तैयार करना है, जो उच्च मांग दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पौधों के उत्पादन ने नंदकुमार के कोलसोर गांव की अर्थव्यवस्था को बदल दिया, रोजगार और समृद्धि लाई.
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