RBI का बैंकों को आदेश: KFS से कर्जदारों को मिलेगी पूरी जानकारी, पारदर्शिता बढ़ेगी.

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News18•21-12-2025, 19:35
RBI का बैंकों को आदेश: KFS से कर्जदारों को मिलेगी पूरी जानकारी, पारदर्शिता बढ़ेगी.
- •RBI ने सभी खुदरा और MSME कर्जदारों के लिए Key Fact Statement (KFS) अनिवार्य किया, जिससे ऋण लागत में पारदर्शिता आएगी.
- •KFS का उद्देश्य ऋण बाजार में सूचना विषमता को कम करना है, जिसमें सभी शुल्क और वार्षिक प्रतिशत दर (APR) स्पष्ट रूप से बताए जाएंगे.
- •APR में ब्याज दर के साथ-साथ प्रोसेसिंग शुल्क, दस्तावेज़ीकरण शुल्क और बीमा प्रीमियम जैसे सभी अनिवार्य शुल्क शामिल होंगे.
- •बैंक KFS में उल्लिखित न किए गए किसी भी शुल्क को ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना नहीं ले सकते; KFS ग्राहक की समझ वाली भाषा में होना चाहिए.
- •KFS प्रस्तावों की वैधता अवधि होती है (7 दिन या अधिक के ऋण के लिए कम से कम 3 कार्य दिवस), जिससे ग्राहक तुलना कर सूचित निर्णय ले सकें.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: RBI का KFS नियम ऋण पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, जिससे कर्जदारों को स्पष्ट लागत और तुलना उपकरण मिलते हैं.
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