संपत्ति मामलों में वसीयत की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: वसीयत पर हस्ताक्षर विवादित न हों तो विशेषज्ञ की राय जरूरी नहीं.
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News18•22-02-2026, 09:56
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: वसीयत पर हस्ताक्षर विवादित न हों तो विशेषज्ञ की राय जरूरी नहीं.
•सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी, 2026 को वसीयत की जांच के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया.
•अदालत ने फैसला सुनाया कि यदि वसीयत पर हस्ताक्षर विवादित नहीं हैं, तो हस्तलेखन विशेषज्ञ की राय आवश्यक नहीं है, जिससे देरी कम होगी.
•यह मामला एक बेटी द्वारा अपने पिता, ई.जे. थॉमस की वसीयत को 'स्वतंत्र इच्छा और सहमति' के आधार पर चुनौती देने से संबंधित था, लेकिन उसने हस्ताक्षर की प्रामाणिकता पर विवाद नहीं किया था.
•सुप्रीम कोर्ट ने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें वसीयत को हस्ताक्षर सत्यापन के लिए भेजने का निर्देश दिया गया था.
•अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि हस्ताक्षर अविवादित हैं तो उन पर विशेषज्ञ की राय की आवश्यकता नहीं है, लेकिन वसीयत को अभी भी भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 63(सी) और साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 68 के अनुसार कानूनी रूप से सिद्ध किया जाना चाहिए.