गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस: भारत के दो राष्ट्रीय पर्वों का अंतर समझें

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News18•25-01-2026, 13:03
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस: भारत के दो राष्ट्रीय पर्वों का अंतर समझें
- •स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त, 1947) ब्रिटिश शासन से आजादी का प्रतीक है, जो स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों का सम्मान करता है.
- •गणतंत्र दिवस (26 जनवरी, 1950) भारत के संविधान के लागू होने का प्रतीक है, जिसने इसे एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया.
- •स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण में झंडे को नीचे से ऊपर खींचा जाता है, जबकि गणतंत्र दिवस पर इसे ऊपर से फहराया जाता है.
- •स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं; गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति कर्तव्य पथ पर झंडा फहराते हैं.
- •स्वतंत्रता दिवस श्रद्धांजलि और प्रधानमंत्री के भाषण पर केंद्रित है, जबकि गणतंत्र दिवस सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और अक्सर विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की मेजबानी करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्वतंत्रता दिवस औपनिवेशिक शासन से मुक्ति का जश्न मनाता है, जबकि गणतंत्र दिवस भारत के संविधान को अपनाने का प्रतीक है.
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