स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस: झंडा फहराने और झंडा खोलने के अंतर को समझें

जीवनशैली 2
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News18•21-01-2026, 15:00
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस: झंडा फहराने और झंडा खोलने के अंतर को समझें
- •स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर, प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा 'फहराते' हैं, जो औपनिवेशिक शासन से भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक है.
- •गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर, राष्ट्रपति कर्तव्य पथ पर झंडा 'खोलते' हैं, जो भारत के संविधान और लोकतांत्रिक पहचान के अनावरण को दर्शाता है.
- •झंडा फहराना एक नए राष्ट्र के शाब्दिक उत्थान का प्रतिनिधित्व करता है, जो आत्मनिर्णय की जीत का प्रतीक है.
- •झंडा खोलना संविधान के अनावरण का प्रतीक है, जो एक संप्रभु ढांचे के तहत एकता का जश्न मनाता है.
- •यह अंतर नेताओं की भूमिकाओं को दर्शाता है: स्वतंत्रता दिवस के लिए प्रधानमंत्री (सरकार के प्रमुख), गणतंत्र दिवस के लिए राष्ट्रपति (राज्य के प्रमुख).
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता के उदय को चिह्नित करने के लिए झंडा फहराया जाता है और गणतंत्र दिवस पर संवैधानिक पहचान प्रकट करने के लिए झंडा खोला जाता है.
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