बस्तर की शिल्पकला का जादू, विदेशों तक है लकड़ी की मूर्तियों की मांग
बस्तर
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News1809-01-2026, 18:02

बस्तर की लकड़ी की कला बनी ग्लोबल ब्रांड, विदेशी बाजारों में बढ़ी मांग, शिल्पकला ने रचा इतिहास.

  • बस्तर की अनूठी लकड़ी की कला वैश्विक पहचान बना रही है, जो देश-विदेश के पर्यटकों और खरीदारों को आकर्षित कर रही है.
  • बस्तर के कारीगर लकड़ी में सजीव मूर्तियां बनाते हैं जो क्षेत्र की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को दर्शाती हैं.
  • थबीर राम जैसे समर्पित कारीगर इस पारंपरिक कला को जीवित रख रहे हैं, जिन्हें 35 वर्षों का अनुभव है.
  • मूर्तियां 500 से 20,000 रुपये तक की होती हैं, जिनकी लोकप्रियता के कारण अक्सर कस्टम ऑर्डर भी मिलते हैं.
  • जटिल प्रक्रिया में लकड़ी का सावधानीपूर्वक चयन, विस्तृत पेंटिंग और बारीक नक्काशी शामिल है, जिसमें अत्यधिक ध्यान की आवश्यकता होती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बस्तर की पारंपरिक लकड़ी की कला फल-फूल रही है, स्थानीय कारीगरों के लिए वैश्विक पहचान और आर्थिक सफलता प्राप्त कर रही है.

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