उचेहरा की सदियों पुरानी कांस्य कला स्टील से जंग, देश-विदेश में मिल रहा सम्मान.

सतना
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News18•22-12-2025, 15:14
उचेहरा की सदियों पुरानी कांस्य कला स्टील से जंग, देश-विदेश में मिल रहा सम्मान.
- •सतना के उचेहरा की सदियों पुरानी पारंपरिक कांस्य और पीतल के बर्तनों की कला ताम्रकार समुदाय द्वारा जीवित रखी गई एक अनूठी विरासत है.
- •यह जटिल हस्तनिर्मित कला सस्ते स्टील और मशीन से बने बर्तनों के बढ़ते चलन के कारण अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है.
- •इस कला का अभ्यास करने वाले परिवारों की संख्या 400-500 से घटकर केवल 70-80 रह गई है, नई पीढ़ी इससे दूर हो रही है.
- •बालकृष्ण ताम्रकार जैसे कारीगर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर संरक्षित कर रहे हैं.
- •इस कला को दिल्ली हाट, प्रगति मैदान और दुबई में भी पहचान मिली है, फिर भी इसे जीवित रहने के लिए सरकारी सहायता की सख्त जरूरत है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उचेहरा की प्राचीन कांस्य कला आधुनिक चुनौतियों से जूझते हुए वैश्विक पहचान पा रही है, पर समर्थन चाहिए.
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