बस्तर की प्राचीन पत्थर कला विलुप्ति की कगार पर, नई पीढ़ी की रुचि में कमी.

बस्तर
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News18•16-02-2026, 17:04
बस्तर की प्राचीन पत्थर कला विलुप्ति की कगार पर, नई पीढ़ी की रुचि में कमी.
- •बस्तर की पारंपरिक पत्थर मूर्तिकला, जिसकी विदेशों में भी सराहना होती है, विलुप्ति के कगार पर है.
- •परदेशिन माता, झिटकी-मिटिकी, दुर्गा और सरस्वती माता जैसी देवी-देवताओं की मूर्तियां कठोर पत्थर से बनाई जाती हैं.
- •देउर गांव के कारीगर जयमन नाग 1997-98 से इस कला का अभ्यास कर रहे हैं, इसे सीखने में महीनों लगते हैं.
- •इस कला में सावधानीपूर्वक काम और एकाग्रता की आवश्यकता होती है, प्रत्येक मूर्ति को बनाने में लगभग दो सप्ताह लगते हैं.
- •नई पीढ़ी की अरुचि और सरकारी प्रोत्साहन की कमी इसके भविष्य के लिए खतरा बन गई है.
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