नटुंग्राम: जहां लकड़ी के उल्लू गांव की पहचान और भविष्य गढ़ते हैं.

जीवनशैली
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News18•11-02-2026, 14:29
नटुंग्राम: जहां लकड़ी के उल्लू गांव की पहचान और भविष्य गढ़ते हैं.
- •पूर्वी बर्दवान के पुरबास्थली में नटुंग्राम को 'लकड़ी की गुड़िया का गांव' कहा जाता है, जहां लकड़ी का उल्लू इसकी पहचान है.
- •नटुंग्राम के कलाकार पीढ़ियों से विभिन्न लकड़ी की गुड़िया बना रहे हैं, जिसमें लकड़ी का उल्लू उनकी आजीविका और संस्कृति का केंद्र है.
- •स्थानीय कलाकार सुदेब भास्कर इस शिल्प को अपने गांव की परंपरा और परिवार की आय का स्रोत बताते हैं.
- •परंपरागत कला को संरक्षित करते हुए, नटुंग्राम के कलाकार अब डाइनिंग सेट, कुर्सियां और बुकशेल्फ़ जैसे आधुनिक लकड़ी के फर्नीचर बना रहे हैं.
- •आधुनिक फर्नीचर के टुकड़ों में पारंपरिक लकड़ी के उल्लू के रूपांकन को सूक्ष्मता से शामिल किया गया है, जो विरासत को समकालीन डिजाइन के साथ मिलाता है.
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