राजस्थान की पट्टू बुनाई को मिली वैश्विक पहचान, फैबइंडिया और आईकिया से साझेदारी

दिल्ली एनसीआर
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News18•02-02-2026, 13:48
राजस्थान की पट्टू बुनाई को मिली वैश्विक पहचान, फैबइंडिया और आईकिया से साझेदारी
- •राजस्थान के पाटू गांव से निकला ब्रांड रोहेड़ा एंड लूम पारंपरिक बुनाई को नए अंदाज में दुनिया के सामने ला रहा है.
- •संस्थापक खेताराम ने 7 साल में एक विशेष पट्टू कलेक्शन तैयार किया है, जिसमें मूल डिजाइन और जटिल बुनाई तकनीक शामिल है.
- •डिजाइन राजस्थान के लुप्तप्राय वन्यजीवों, जैसे इंडियन बस्टर्ड और प्रवासी क्रेन से प्रेरित हैं, जो कला के साथ प्रकृति का संदेश देते हैं.
- •यह ब्रांड कुशन कवर, पर्दे, वॉल हैंगिंग और शॉल जैसे उत्पाद बनाता है, जिसमें एक कुशन कवर बनाने में 2-3 दिन लगते हैं.
- •खेताराम ने स्थानीय युवाओं और महिलाओं को बुनाई और पारंपरिक सिलाई सिखाकर सशक्त किया, उन्हें अपनी विरासत से जोड़ा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पाटू गांव की पारंपरिक बुनाई, रोहेड़ा एंड लूम के माध्यम से, वैश्विक पहचान हासिल कर रही है और कारीगरों को सशक्त बना रही है.
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