वॉशकट की खासियत 
बागेश्वर
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News1801-02-2026, 14:40

कुमाऊं का 'वॉशकॉट': भेड़ के ऊन से बना यह कोट सर्दियों में गर्म, गर्मियों में कूल!

  • उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का 'वॉशकॉट', जिसे 'भुट्टू' या 'हाफ कोट' भी कहते हैं, पुरुषों द्वारा कुर्ता या शर्ट के ऊपर पहना जाने वाला एक पारंपरिक परिधान है.
  • यह हिमालयी क्षेत्रों में पाली जाने वाली भेड़ों के ऊन से बनता है; इसकी प्रक्रिया में ऊन की कटाई, सफाई, सूत कातना और 'पट्टू' नामक मजबूत कपड़े में बुनाई शामिल है.
  • भेड़ के ऊन के प्राकृतिक तापमान-नियंत्रण गुणों के कारण वॉशकॉट सभी मौसमों के लिए उपयुक्त है, जो सर्दियों में गर्मी और गर्मियों में ठंडक प्रदान करता है तथा पसीना भी सोखता है.
  • यह कुमाऊंनी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चंपावत जैसे जिलों में पुरुष त्योहारों, कौतिक और सामाजिक आयोजनों में गर्व से पहनते हैं.
  • आधुनिक वॉशकॉट नए डिज़ाइन और शैलियों के साथ युवा पीढ़ी को भी आकर्षित कर रहे हैं, जिनकी कीमत 800 से 2000 रुपये तक है, जिससे स्थानीय कारीगरों और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कुमाऊं का पारंपरिक 'वॉशकॉट' सभी मौसमों में आराम और शैली प्रदान करता है, विरासत को संरक्षित करता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है.

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