अर्जुन के शंख 'देवदत्त' का रहस्य: महाभारत में इसकी शक्ति और महत्व

धर्म
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News18•30-01-2026, 11:42
अर्जुन के शंख 'देवदत्त' का रहस्य: महाभारत में इसकी शक्ति और महत्व
- •महाभारत के महान योद्धा अर्जुन के पास 'देवदत्त' नामक एक शक्तिशाली और दिव्य शंख था, जिसका अर्थ है "देवताओं द्वारा दिया गया".
- •अर्जुन को यह शंख उनके पिता इंद्र ने इंद्रलोक में राक्षसों को पराजित करने के बाद उपहार स्वरूप दिया था.
- •इस शंख की ध्वनि इतनी भयंकर थी कि इसे बजाने पर आकाश और पृथ्वी कांप उठते थे, जिससे शत्रुओं में भय और उनकी सेना का मनोबल टूट जाता था.
- •कुरुक्षेत्र युद्ध की शुरुआत में, भगवान कृष्ण के 'पांचजन्य' शंख बजाने के तुरंत बाद अर्जुन ने अपना 'देवदत्त' शंख बजाया, जो युद्ध के आरंभ का संकेत था.
- •'देवदत्त' शंख अर्जुन की विजय का प्रतीक था और इसका उपयोग युद्ध घोषणा, सेना को संकेत देने और शत्रुओं को मानसिक रूप से पराजित करने के लिए किया जाता था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अर्जुन का 'देवदत्त' शंख, इंद्र का एक दिव्य उपहार, विजय और भय का एक शक्तिशाली प्रतीक था.
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