कामसूत्र मंदिर का इतिहास
धर्म
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News1825-01-2026, 18:27

खजुराहो मंदिर: प्राचीन भारतीय दर्शन, कला और जीवन के संतुलन का प्रतीक

  • खजुराहो मंदिर, जिन्हें अक्सर कामसूत्र मंदिर कहा जाता है, प्राचीन भारतीय दर्शन, संस्कृति और जीवन का प्रतिनिधित्व करते हैं, न कि केवल शारीरिक इच्छाओं का.
  • चंदेल राजवंश द्वारा 9वीं से 11वीं शताब्दी के बीच नागर शैली में निर्मित, ये मंदिर उस युग की उन्नत वास्तुकला और शिल्प कौशल को दर्शाते हैं.
  • इतिहासकारों का मानना है कि इन मंदिरों का उद्देश्य जीवन को उसकी संपूर्णता में चित्रित करना था, जिसमें काम (इच्छा) को जीवन का एक स्वाभाविक और आवश्यक हिस्सा माना गया है.
  • एक किंवदंती के अनुसार, चंदेल राजाओं ने इन मंदिरों का निर्माण यह सिखाने के लिए किया था कि सांसारिक और आध्यात्मिक जीवन विरोधाभासी नहीं हैं.
  • मंदिरों की दीवारों पर देवी-देवताओं, नर्तकियों, संगीतकारों और दैनिक जीवन के दृश्यों की जटिल नक्काशी उस युग की सामाजिक व्यवस्था और कलात्मक प्रतिभा को दर्शाती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: खजुराहो मंदिर एक विश्व धरोहर स्थल हैं, जो प्राचीन भारतीय दर्शन, कला और जीवन के विभिन्न पहलुओं के संतुलन का प्रतीक हैं.

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