মধুমিতা মাইতি 
शिक्षा और करियर
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News1821-01-2026, 20:01

मधुमिता माइती: ग्रामीण बंगाल से अंतरराष्ट्रीय वाचक कलाकार तक का सफर

  • पूर्वी मेदिनीपुर के एगरा की मधुमिता माइती ने बंगाली साहित्य के प्रति अपने जुनून को एक अंतरराष्ट्रीय करियर में बदल दिया.
  • उन्होंने अपनी मां से संगीत सीखना शुरू किया और बाद में बंगाली साहित्य की पढ़ाई के दौरान वाचन के प्रति गहरा प्रेम विकसित किया.
  • मधुमिता ने प्रतिष्ठित वाचक कलाकारों से प्रशिक्षण लिया, एक अनूठी शैली विकसित की जिसने रबींद्र सदन और शांतिनिकेतन जैसे स्थानों पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाते हुए, वह अब विश्व स्तर पर छात्रों को ऑनलाइन वाचन कक्षाएं पढ़ाती हैं, बंगाली वाचन को राष्ट्रीय सीमाओं से परे ले जा रही हैं.
  • उनकी यात्रा दर्शाती है कि बंगाली साहित्य के प्रति जुनून कैसे एक अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकता है, जिससे कई युवा महिलाओं को प्रेरणा मिलती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मधुमिता माइती का ग्रामीण बंगाल से अंतरराष्ट्रीय वाचक कलाकार बनने का सफर साहित्य के प्रति जुनून की शक्ति को दर्शाता है.

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