गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तलाक के लिए 6 महीने का कूलिंग-पीरियड जरूरी नहीं.

अहमदाबाद
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News18•06-01-2026, 12:25
गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तलाक के लिए 6 महीने का कूलिंग-पीरियड जरूरी नहीं.
- •गुजरात हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13B के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए 6 महीने की कूलिंग-पीरियड को अनिवार्य नहीं बताया.
- •जस्टिस संगीता के. विशन और निशा एम. ठाकरे की बेंच ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द किया जिसने कूलिंग-पीरियड पूरा न होने पर तलाक याचिका खारिज की थी.
- •कोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी एक साल से अधिक समय से अलग रह रहे हों और सुलह की कोई संभावना न हो, तो इंतजार कराना मानसिक पीड़ा बढ़ाता है.
- •यह फैसला मानवीय पहलू पर जोर देता है, खासकर उन युवा जोड़ों के लिए जो शांतिपूर्वक अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं.
- •यह निर्णय कानूनी प्रक्रिया में मानवीय भावनाओं और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गुजरात हाईकोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक के लिए 6 महीने की कूलिंग-पीरियड को वैकल्पिक बनाया.
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