घास-पत्तों से बनी कला, मेहनत की पहचान.
फरीदाबाद
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News1826-12-2025, 22:20

मजदूर से लखपति: अरुण कुमार की घास कला सरस मेले में छाई.

  • ओडिशा के बालेश्वर के अरुण कुमार ने मजदूर से सफल कारीगर बनने तक का सफर तय किया.
  • 2005 में उन्होंने घास और ताड़ के पत्तों से पारंपरिक हस्तशिल्प बनाना सीखा, जिसमें बैग, चटाई और ट्रे शामिल हैं.
  • उनके बारीक काम में एकाग्रता लगती है; एक लेडीज बैग बनाने में दो दिन लगते हैं और 350 रुपये में बिकता है.
  • 2017 में उन्हें पहचान मिली, सरकारी सहायता और ऋण से उन्होंने अपना व्यवसाय बढ़ाया.
  • अब वह फरीदाबाद के सरस मेले में अपने उत्पाद बेचकर एक लाख रुपये से अधिक मासिक कमाते हैं, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अरुण कुमार की मजदूर से सफल कारीगर बनने की यात्रा कौशल और दृढ़ता की शक्ति को दर्शाती है.

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