तंदूर चूल्हा 
सुल्तानपुर
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News1801-01-2026, 16:13

राजकुमार प्रजापति ने मिट्टी से गढ़ी सफलता, शहर छोड़ गांव में बने आत्मनिर्भर.

  • सुल्तानपुर के राजकुमार प्रजापति ने शहर में जगह की कमी के कारण पलटन बाजार से डेटा गांव में निवास किया.
  • आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने अपने परिवार की पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने की कला को आजीविका का साधन बनाया.
  • वह अब मिट्टी के तंदूर, कुल्हड़ और दीये बनाते हैं, जिसके लिए अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी आसपास के ग्रामीण इलाकों से प्राप्त करते हैं.
  • उनके उत्पाद बाजार में अच्छी मांग में हैं, जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 2000 रुपये की आय होती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.
  • राजकुमार प्रजापति की कहानी संसाधनों की कमी के बावजूद कड़ी मेहनत और कौशल से आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की प्रेरणा देती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजकुमार प्रजापति ने पारंपरिक कौशल से आत्मनिर्भरता हासिल कर, मिट्टी से सफलता की मिसाल कायम की है.

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