
भारत को महिलाओं के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा से निपटने के लिए गहरी जड़ें जमा चुकी पितृसत्ता और सामाजिक मान्यताओं का समाधान करना होगा।
पितृसत्ता घरों में पुरुष सत्ता को बनाए रखकर और महिलाओं की स्वायत्तता को सीमित करके दहेज हत्याओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।