नीलोत्पल मृणाल की 'विश्वगुरु' नैतिक संकटों पर सवाल उठाती, ऑनलाइन बुकिंग शुरू.

दुमका
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News18•08-01-2026, 09:06
नीलोत्पल मृणाल की 'विश्वगुरु' नैतिक संकटों पर सवाल उठाती, ऑनलाइन बुकिंग शुरू.
- •प्रसिद्ध हिंदी लेखक नीलोत्पल मृणाल की चौथी किताब 'विश्वगुरु' की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, कवर इमेज ने बढ़ाई उत्सुकता.
- •यह उपन्यास वर्तमान पीढ़ी के सपनों, संघर्षों और सीमाओं को दर्शाता है, जो शिक्षा, रोजगार और सत्ता के बीच जूझ रही है.
- •चिनमय, दर्पण, अंगद जैसे पात्र ग्रामीण भारत की सरकारी नौकरी या निजी क्षेत्र की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं.
- •'विश्वगुरु' बेरोजगारी, दहेज, जाति, धर्म और नैतिक संकटों जैसे गंभीर मुद्दों को बिना उपदेश दिए उठाती है.
- •लेखक के अनुसार, यह किताब किसी विचारधारा का घोषणापत्र नहीं, बल्कि समकालीन भारत का सच्चा बयान है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नीलोत्पल मृणाल की 'विश्वगुरु' समकालीन भारत के नैतिक और सामाजिक संकटों का यथार्थवादी चित्रण है.
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