पथरगामा की लखी बाला दासी ने चक्की के सत्तू से बनाई पहचान, महिलाओं के लिए मिसाल.

गोड्डा
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News18•27-12-2025, 00:13
पथरगामा की लखी बाला दासी ने चक्की के सत्तू से बनाई पहचान, महिलाओं के लिए मिसाल.
- •गोड्डा जिले के पथरगामा की लखी बाला दासी ने हाथ से पीसे शुद्ध सत्तू से अपनी विशेष पहचान बनाई है.
- •वह चने को खुद साफ कर, भूनकर हाथ की चक्की से पीसती हैं, जिससे सत्तू की शुद्धता और स्वाद बरकरार रहता है.
- •सत्तू और मिट्टी के बर्तन में भुनी मुरही बेचकर वे पति के सहयोग से हर महीने लगभग 30,000 रुपये कमाती हैं.
- •JSLPS योजना के तहत स्वयं सहायता समूह से ऋण लेकर उन्होंने अपने काम को नई गति दी और उत्पादन बढ़ाया.
- •लखी बाला दासी घर-परिवार संभालते हुए आत्मनिर्भर बनी हैं और ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लखी बाला दासी का पारंपरिक सत्तू व्यवसाय ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल है.
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