सुभाष चंद्र बोस देश के पहले राष्ट्राध्यक्ष बने थे. (फाइल फोटो)
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News1823-01-2026, 05:06

नेताजी सुभाष चंद्र बोस: 15 की उम्र में ही बता दिया था, अंग्रेज अब चैन की नींद नहीं सोएंगे

  • आज 'पराक्रम दिवस' पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया जा रहा है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ दृढ़ संकल्प दिखाया.
  • 15 साल की उम्र में ही बोस ने अपनी मां से देश के लिए आत्म-बलिदान करने वाले बेटों के बारे में सवाल किया था.
  • उन्होंने 1921 में प्रतिष्ठित भारतीय सिविल सेवा को अस्वीकार कर दिया, यह मानते हुए कि राष्ट्र बलिदान और पीड़ा की भूमि पर बनता है.
  • नेताजी आध्यात्मिक थे, अपनी वर्दी की जेब में भगवद गीता रखते थे और रात में ध्यान करते थे, उपनिषदों से बलिदान का पाठ सीखा.
  • 21 अक्टूबर, 1943 को सिंगापुर में उन्होंने 'आजाद हिंद सरकार' का गठन किया, जिसे 10 से अधिक देशों ने मान्यता दी, और आजाद हिंद फौज ने भारत के कुछ हिस्सों को मुक्त कराया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नेताजी सुभाष चंद्र बोस का प्रारंभिक संकल्प, आध्यात्मिक गहराई और आजाद हिंद सरकार का गठन भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई को परिभाषित करता है.

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