राजकुमार बाघ की कहानी 
बलिया
N
News1822-01-2026, 20:29

राजकुमार बाघ: बागी बलिया का वो 'बाघ' जिसने अकेले अंग्रेजों को हिला दिया

  • भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बलिया को "बागी बलिया" के नाम से जाना जाता है, जहाँ राजकुमार बाघ जैसे शहीदों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
  • 1890 में बलिया जिले के सिसोत्तर गाँव में जन्मे राजकुमार दुसाध पासवान को उनकी बहादुरी के लिए "बाघ" की उपाधि मिली.
  • उन्होंने 30-35 मजबूत युवाओं के एक समूह का नेतृत्व किया, अंग्रेजों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध लड़ा और पुलिस स्टेशनों व जेलों को निशाना बनाया.
  • अंग्रेजों ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया, उनका घर जला दिया और उनके परिवार को भी प्रताड़ित किया.
  • राजकुमार बाघ को बलिया की जिला जेल में अमानवीय यातनाएँ दी गईं और अंततः उन्हें फाँसी देकर गोली मार दी गई.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजकुमार बाघ, बागी बलिया के निडर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका बलिदान आज भी प्रेरणास्रोत है.

More like this

Loading more articles...