भारत-बांग्लादेश में बढ़ा तनाव: 'चिकन नेक' पर किसकी गर्दन ज्यादा कमजोर.

समाचार
F
Firstpost•02-01-2026, 16:18
भारत-बांग्लादेश में बढ़ा तनाव: 'चिकन नेक' पर किसकी गर्दन ज्यादा कमजोर.
- •बांग्लादेशी नेताओं द्वारा भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) को निशाना बनाने की धमकी ने भारत की भेद्यता को उजागर किया है, खासकर शेख हसीना के निष्कासन और अंतरिम सरकार के भारत-विरोधी रुख के बाद.
- •भारत ने बांग्लादेश के अपने 'चिकन नेक' गलियारों (रंगपुर, चटगांव) को अत्यधिक कमजोर, आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में पहचाना है, जिन्हें भारतीय सेना आसानी से काट सकती है.
- •भारत सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जोखिमों को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास, वैकल्पिक कनेक्टिविटी परियोजनाओं और पूर्वी क्षेत्र में महत्वपूर्ण सैन्य सुदृढीकरण कर रहा है.
- •बांग्लादेश में भारत-विरोधी भावना, असम में जनसांख्यिकीय बदलाव और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के मेल-मिलाप ने नई दिल्ली की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है.
- •कूटनीतिक शांति के बावजूद, भारत बांग्लादेश की आर्थिक और सुरक्षा निर्भरता के बारे में सूक्ष्म संकेत भेज रहा है, जबकि एक निर्वाचित सरकार के साथ जुड़ने का इंतजार कर रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक बदलावों के बीच भारत और बांग्लादेश दोनों को 'चिकन नेक' की भेद्यता का सामना करना पड़ रहा है.
✦
More like this
Loading more articles...




