आयुर्वेद की कड़वी लेकिन चमत्कारी औषधि चिरायता.
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News1831-01-2026, 07:21

चिरायता: नीम से कड़वा पर लिवर और इम्यूनिटी के लिए रामबाण औषधि

  • रीवा का चिरायता, एक बारहमासी औषधीय पौधा, अपनी अत्यधिक कड़वाहट के बावजूद आयुर्वेद में कई स्वास्थ्य लाभों के लिए अत्यधिक मूल्यवान है.
  • इसकी कड़वाहट शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, रक्त को शुद्ध करने और मौसमी बीमारियों व संक्रमणों के खिलाफ प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करती है.
  • डॉ. अरविंद त्रिपाठी बताते हैं कि चिरायता बुखार, खांसी, जुकाम, वायरल संक्रमण और एनीमिया में बेहद फायदेमंद है, यह रक्त निर्माण में सहायक है.
  • चिरायता में पाया जाने वाला 'स्वेर्चिरिन' यौगिक लिवर को क्षति से बचाता है और हेपेटाइटिस जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है, साथ ही पाचन तंत्र को मजबूत करता है.
  • यह पाचन में सुधार करता है, जोड़ों के दर्द को कम करता है और अपने एंटीऑक्सीडेंट व एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से त्वचा के स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चिरायता, कड़वा होने के बावजूद, प्रतिरक्षा, लिवर, पाचन और त्वचा के लिए व्यापक लाभ प्रदान करने वाली एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है.

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