गिलोय की चाय और काढ़ा 
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News1812-01-2026, 06:34

गिलोय: देसी ENT डॉक्टर जो सर्दी-खांसी, बुखार भगाए और इम्यूनिटी बढ़ाए

  • गिलोय, जिसे आयुर्वेद में अमृता भी कहते हैं, बघेलखंड में सदियों से सर्दी-खांसी और बुखार के लिए इस्तेमाल होता है.
  • यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, सर्दी, खांसी और मौसमी फ्लू से बचाता है, बिना किसी साइड इफेक्ट के.
  • गिलोय एंटीऑक्सीडेंट, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है, जो वायरल बुखार, साइनस और एलर्जी में राहत देता है.
  • इसे काढ़ा या चाय के रूप में बनाना आसान है, जिसमें तुलसी, अदरक, काली मिर्च और दालचीनी मिलाई जाती है.
  • नियमित सेवन शरीर को डिटॉक्स करता है, तनाव कम करता है और सर्दियों में शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गिलोय सर्दियों की बीमारियों के लिए एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक उपाय है, जो प्राकृतिक रूप से इम्यूनिटी बढ़ाता है.

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