गोखरू तीनों दोषों को संतुलित करने में मददगार है.
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News1808-02-2026, 14:04

गोखरू: पुरुषों के लिए वरदान, हृदय रोग में रामबाण, गांव-देहात में फ्री मिलती ये देसी दवा.

  • गोखरू, जिसे अंधा शीश पेड़ या छोटा धतूरा भी कहते हैं, ग्रामीण इलाकों में जंगली रूप से उगता है और औषधीय गुणों का खजाना है.
  • आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन सिंह वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने में इसके उपयोग पर प्रकाश डालते हैं.
  • पौधे के तने और फलों का उपयोग मांसपेशियों के निर्माण, मूत्र/जननांग संबंधी समस्याओं, गुर्दे की पथरी और रक्तचाप व शर्करा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है.
  • गोखरू खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है, और अस्थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद है.
  • इसके बीज शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता बढ़ाते हैं, जिससे बांझपन, नपुंसकता में मदद मिलती है और यौन इच्छा बढ़ती है; सैपोनिन रक्त शर्करा को कम करने में मदद करता है.

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