महेश्वरी साड़ियों में जैकार्ड मशीन का आगमन: बुनाई हुई आसान, 500 से अधिक नए डिजाइन

खरगोन
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News18•21-01-2026, 20:51
महेश्वरी साड़ियों में जैकार्ड मशीन का आगमन: बुनाई हुई आसान, 500 से अधिक नए डिजाइन
- •खरगोन जिले के महेश्वर में पारंपरिक रूप से हाथ से बुनी जाने वाली महेश्वरी साड़ियों में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक जैकार्ड मशीन का उपयोग किया जा रहा है.
- •यह नई तकनीक, जो पारंपरिक 'डॉबी' की जगह ले रही है, बुनकरों के काम को आसान बनाएगी और 500 से अधिक नए डिजाइन उपलब्ध कराएगी.
- •सरकार ने महेश्वर के बुनकरों को लगभग 13 जैकार्ड मशीनें प्रदान की हैं, जिनमें से पहली केरियाखेड़ी गांव में अशोक चौहान द्वारा संचालित की जा रही है.
- •जैकार्ड मशीनें कंप्यूटर चिप के माध्यम से जटिल और अनुकूलित डिजाइन अपलोड करने की अनुमति देती हैं, जिससे डिजाइन बनाने का समय काफी कम हो जाता है.
- •डिजाइन स्वचालित होने के बावजूद, साड़ी की बुनाई अभी भी हाथ से की जाती है, जिससे महेश्वरी साड़ियों की पारंपरिक पहचान बनी रहती है और मांग बढ़ती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जैकार्ड मशीनें महेश्वरी साड़ी उत्पादन को आधुनिक बना रही हैं, जिससे बुनकरों का काम आसान हो रहा है और डिजाइन विकल्प बढ़ रहे हैं.
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