सरसों की फसल
सीधी
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News1829-01-2026, 12:51

ठंड में सरसों पर लाही का हमला: किसानों को उत्पादन हानि की चेतावनी, तुरंत करें बचाव

  • मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बदलते मौसम, ठंड, कोहरे और नमी से सरसों की फसल में लाही रोग का खतरा बढ़ा है.
  • लाही कीट कोमल टहनियों और फूलों का रस चूसकर पौधों की वृद्धि रोकते हैं, फूल गिराते हैं और पौधों को कमजोर करते हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है.
  • गंभीर संक्रमण से पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, मुड़ जाती हैं और उन पर चिपचिपा पदार्थ आ जाता है, जिससे काले फफूंद का संक्रमण होता है और प्रकाश संश्लेषण बाधित होता है.
  • कृषि वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने लाही और जैसिड के हमलों से 60-70% उत्पादन हानि और तेल की मात्रा में कमी की चेतावनी दी है.
  • नियंत्रण उपायों में इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल (1 मिली/लीटर) या एथिओमेथिजम (12.5 ग्राम/लीटर) का छिड़काव शामिल है; जैविक विकल्पों में नीम का तेल, नीम खली का अर्क, गौमूत्र और लहसुन-मिर्च का घोल शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ठंड और नमी वाले मौसम में सरसों में लाही का खतरा बढ़ा है, जिससे उपज और गुणवत्ता का भारी नुकसान हो सकता है; तत्काल नियंत्रण महत्वपूर्ण है.

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