ट्रेन में पेशाब करने वाले जज की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा 'घिनौना' कृत्य.

जबलपुर
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News18•13-01-2026, 09:28
ट्रेन में पेशाब करने वाले जज की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा 'घिनौना' कृत्य.
- •सुप्रीम कोर्ट ने नशे में ट्रेन की बर्थ पर पेशाब करने के आरोपी न्यायिक अधिकारी की बहाली के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है.
- •जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता ने इस घटना को 'घिनौना' और 'सबसे गंभीर अनुशासनहीनता' बताया, न्यायिक गरिमा पर इसके प्रभाव पर जोर दिया.
- •आरोप है कि अधिकारी ने 2018 में भोपाल से जबलपुर की यात्रा के दौरान A-1 कोच में हंगामा किया, यात्रियों और TTE से दुर्व्यवहार किया और बर्थ पर पेशाब किया.
- •गवाहों के मुकरने और मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि न होने के कारण आपराधिक मामले में बरी होने के बावजूद, विभागीय जांच में उन्हें दोषी पाया गया, जिसके बाद उन्हें सेवा से हटा दिया गया था.
- •सुप्रीम कोर्ट का यह स्थगन हाई कोर्ट के इस विचार को चुनौती देता है कि बरी होने के बाद हटाना 'मनमाना' था और न्यायिक जवाबदेही पर एक मजबूत रुख का संकेत देता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने 'घिनौनी' ट्रेन घटना में जज की बहाली रोकी, न्यायिक गरिमा और जवाबदेही पर जोर दिया.
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