शराबी यात्री को रेलवे से मुआवजा नहीं मिलेगा: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला.
मुंबई
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News1813-02-2026, 16:35

शराबी यात्री को रेलवे से मुआवजा नहीं मिलेगा: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला.

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने नशे में धुत यात्री को रेलवे स्टेशन पर लगी चोटों के लिए मुआवजा देने से इनकार कर दिया, रेलवे दावा न्यायाधिकरण के फैसले को बरकरार रखा.
  • जस्टिस जितेंद्र जैन ने एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड के प्रसिद्ध उद्धरण का हवाला दिया: 'पहले आप एक ड्रिंक लेते हैं, फिर ड्रिंक एक ड्रिंक लेती है, फिर ड्रिंक आपको ले जाती है.'
  • अदालत ने जोर दिया कि शराब व्यक्ति की समझ को नष्ट कर देती है और इसके गंभीर सामाजिक और व्यक्तिगत परिणाम होते हैं, जिससे पारिवारिक विघटन और सामाजिक अव्यवस्था होती है.
  • आवेदक, एक लैब असिस्टेंट, ने 2001 में प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार करते समय ट्रेन से टकराकर घायल होने का दावा किया था; अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चला कि उसने घटना से पहले चार बड़े पेग शराब पी थी.
  • रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 124ए रेलवे प्रशासन को मुआवजा देने से छूट देती है यदि चोट या मृत्यु नशे, आत्महत्या, स्वयं को पहुंचाई गई चोट, आपराधिक कृत्य या बीमारी के कारण हुई हो.

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