सैम मानेकशॉ को 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की सेना को घुटनों पर लाने वाले महान सेनापति के रूप में याद किया जाता है.
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News1814-02-2026, 14:29

पेट में 9 गोलियां, डॉक्टर से कहा- खच्चर ने मारा: सैम मानेकशॉ की बहादुरी और हास्य की कहानी.

  • 1971 युद्ध के नायक फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने अपने करियर की शुरुआत में ही नौ गोलियों के घाव से बचे थे.
  • 1942 में बर्मा में जापानी सेना से लड़ते हुए, कैप्टन मानेकशॉ को मशीन गन से नौ गोलियां लगी थीं, जिससे उनके पेट और आंतों में गंभीर चोटें आईं.
  • एक ऑस्ट्रेलियाई सर्जन ने शुरू में गंभीर हालत के कारण ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया था, लेकिन मानेकशॉ के हास्य ने उनका मन बदल दिया.
  • जब पूछा गया कि क्या हुआ, तो मानेकशॉ ने दर्द में भी मुस्कुराते हुए कहा, "एक खच्चर ने मुझे लात मारी", जिससे डॉक्टर हंसे और उन्हें बचाने का फैसला किया.
  • उन्हें घायल अवस्था में ही मिलिट्री क्रॉस से सम्मानित किया गया था, क्योंकि मरणोपरांत यह पुरस्कार नहीं दिया जा सकता था और सभी को उनके जीवित रहने की उम्मीद नहीं थी.

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