शाहिद रामदहिन ओझा की कहानी...
बलिया
N
News1818-02-2026, 16:10

शहीद पत्रकार पंडित रामदहिन ओझा: कलम की ताकत जिसने हिला दी थी अंग्रेजी हुकूमत.

  • बलिया के शहीद पत्रकार पंडित रामदहिन ओझा ने अपनी लेखनी और भाषणों से ब्रिटिश शासन को चुनौती दी थी.
  • उनका जन्म 17 फरवरी, 1901 को बलिया में हुआ था और बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना प्रबल थी.
  • कोलकाता में 'हिंदी युगांतर' के संपादक के रूप में उनके तीखे लेखों ने ब्रिटिश सरकार को परेशान किया, जिसके कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा.
  • जेल में उन्हें अमानवीय यातनाएं और धीमा जहर दिया गया, अंततः 18 फरवरी, 1931 को 30 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया.
  • उनके बलिदान ने बलिया को 'विद्रोही बलिया' के रूप में प्रसिद्ध किया और रामदहिन ओझा मेमोरियल ट्रस्ट के माध्यम से उनकी स्मृति को जीवित रखा गया है.

More like this

Loading more articles...