वीरता और प्रेम की अमर गाथा: वीरमदेव–फिरोजा की अधूरी मोहब्बत...
जालोर
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News1816-12-2025, 14:57

एक 'ना' जिसने इतिहास बदला: फिरोजा-वीरमदेव की मारवाड़ की अमर प्रेमगाथा.

  • यह कहानी जालोर के राजकुमार वीरमदेव सोनगरा और अलाउद्दीन खिलजी की बेटी फिरोजा के अधूरे प्रेम को दर्शाती है.
  • वीरमदेव ने राजपूत सम्मान और कुल की प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए फिरोजा के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिया, कहा कि वह तुर्क महिला से शादी नहीं करेंगे.
  • फिरोजा ने वीरमदेव से शादी करने या आजीवन कुंवारी रहने की प्रतिज्ञा ली, जो उनके अटूट प्रेम और संकल्प को दर्शाता है.
  • वीरमदेव के इनकार से क्रोधित अलाउद्दीन खिलजी ने जालोर पर हमला किया, जिससे साका, जौहर और वीरमदेव का बलिदान हुआ.
  • लोककथाओं के अनुसार, फिरोजा ने वीरमदेव के कटे हुए सिर का तिलक करने का प्रयास किया, जो थाली में घूम गया, उनके गहरे प्रेम का प्रतीक.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वीरमदेव की 'ना' ने युद्ध, बलिदान और मारवाड़ की एक अमर प्रेमगाथा को जन्म दिया.

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