बीकानेर आशापुरा माता बाल स्वरूप रम्मत
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News1828-02-2026, 05:50

बीकानेर में 300 साल पुरानी रम्मत परंपरा: आधी रात को प्रकट होती हैं आशापुरा माता.

  • बीकानेर के 'बिस्सों का चौक' में 300 साल पुरानी रम्मत परंपरा में आधी रात को आशापुरा माता बाल स्वरूप में प्रकट होती हैं.
  • बिस्सा समुदाय के 10-12 साल के लड़के को देवी का स्वरूप माना जाता है, जिसे प्राचीन सोने के गहनों से सजाया जाता है.
  • भक्त बाल स्वरूप के दर्शन के लिए उमड़ते हैं, साड़ी, सोने-चांदी के आभूषण और प्रसाद चढ़ाते हैं, मानते हैं कि माता एक घंटे तक लड़के में निवास करती हैं.
  • रम्मत, जिसमें 'भक्त पूरनमल' या 'नौटंकी शहजादी' जैसी कहानियाँ होती हैं, माता के प्रकट होने के बाद 9 घंटे तक चलती है.
  • यह आयोजन, भक्ति गीतों और कलात्मक प्रस्तुतियों से भरा, बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत और गहरी भक्ति का प्रतीक है.

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