कुलदेवी नागणेचीजी मंदिर में विधिवत अनुमति लेने के बाद ही होती है
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News1824-02-2026, 23:26

बीकानेर होली: 537 साल पुरानी परंपरा, कुलदेवी की अनुमति से शुरू होता है उत्सव.

  • बीकानेर में होली का उत्सव शाही परिवार की कुलदेवी, नागणेचीजी मंदिर से औपचारिक अनुमति के बाद ही शुरू होता है.
  • राव बीकाजी द्वारा शुरू की गई यह 537 साल पुरानी परंपरा, शाकद्वीपीय ब्राह्मण समुदाय द्वारा देवी के सामने 'फाग' खेलने से जुड़ी है.
  • फाल्गुन सुदी सप्तमी पर, समुदाय गुलाल, इत्र और फूल चढ़ाता है, और माता के सामने फाग गीतों के साथ होली खेलता है.
  • मंदिर के अनुष्ठानों के बाद शहर के बाहर से निकलने वाली 'गैर' शोभायात्रा रात 11 बजे गोगागेट से बीकानेर में प्रवेश करती है, जो होली के औपचारिक उद्घाटन का प्रतीक है.
  • शहर में पांच स्थानों पर सामुदायिक भोज ('गोठ') और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं.

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