किराए के कमरे से हजारों अफसरों तक: डॉ. मनोज जैन की संघर्ष से सफलता की कहानी.

कोटा
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News18•27-12-2025, 22:51
किराए के कमरे से हजारों अफसरों तक: डॉ. मनोज जैन की संघर्ष से सफलता की कहानी.
- •डॉ. मनोज जैन ने 1995 में इंदरगढ़ से कोटा आकर सीमित संसाधनों के बावजूद BA, B.Ed. और कोटा विश्वविद्यालय से PhD पूरी की.
- •2002 में किराए के घर से 10-12 छात्रों को RPSC शिक्षक भर्ती, राजस्थान पुलिस और अन्य सरकारी परीक्षाओं के लिए पढ़ाना शुरू किया.
- •2007 में कोटा के केशवपुरा में काव्य क्लासेज की स्थापना की, जो अब हजारों छात्रों को मार्गदर्शन दे रहा है.
- •उनके छात्र RPSC शिक्षक, RAS अधिकारी, LDC और राजस्थान पुलिस में चयनित होकर विभिन्न जिलों में सेवा दे रहे हैं.
- •शिक्षा के साथ-साथ डॉ. जैन सरकारी स्कूलों में वर्दी वितरण, भ्रष्टाचार विरोधी और साइबर अपराध जागरूकता जैसे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: डॉ. मनोज जैन का संघर्ष और हजारों छात्रों को सफल बनाने का सफर प्रेरणादायक है.
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