हैदराबाद का धोबी घाट: हजारों कपड़ों में एक रूमाल भी नहीं होता गुम, जानें सदियों पुरानी परंपरा.

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News18•02-03-2026, 11:30
हैदराबाद का धोबी घाट: हजारों कपड़ों में एक रूमाल भी नहीं होता गुम, जानें सदियों पुरानी परंपरा.
- •हैदराबाद का धोबी घाट, मूसी नदी के किनारे चदरघाट और मूसा राम बाग के पास, सदियों के इतिहास को संजोए हुए है.
- •निजाम काल में, चौमहल्ला पैलेस जैसे महलों के शाही वस्त्र और शुरुआती होटलों व अस्पतालों के कपड़े यहीं धोए जाते थे.
- •इस धोबी घाट का सबसे आश्चर्यजनक पहलू इसकी अनूठी मौखिक और प्रतीकात्मक कोडिंग प्रणाली है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है.
- •प्रत्येक परिवार या संस्था के कपड़ों पर विशेष सिलाई या अमिट स्याही से निशान लगाया जाता है, जिससे हजारों कपड़ों में भी कोई गड़बड़ी नहीं होती.
- •नदी प्रदूषण और आधुनिक मशीनों की चुनौतियों के बावजूद, 'धोबी मार्क' की परंपरा जारी है, जो पारंपरिक अनुभव की प्रभावशीलता को दर्शाती है.
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