मेवाड़ की अनोखी होली: होलिका को बेटी की तरह विदा करते हैं, लकड़ियों की जगह जलते हैं नारियल.

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News18•28-02-2026, 00:44
मेवाड़ की अनोखी होली: होलिका को बेटी की तरह विदा करते हैं, लकड़ियों की जगह जलते हैं नारियल.
- •राजस्थान का मेवाड़ क्षेत्र होली को रंगों के त्योहार के बजाय एक भावनात्मक विदाई समारोह के रूप में मनाता है.
- •उदयपुर के करकेला धाम में, आदिवासी समुदाय होलिका को अपनी बेटी मानते हैं और सम्मानपूर्वक विदाई की रस्म निभाते हैं.
- •लकड़ी के बजाय, होलिका दहन के दौरान सैकड़ों नारियल और 'ब्लाउज पीस' चढ़ाए जाते हैं और जलाए जाते हैं, जो बेटी की विदाई का प्रतीक है.
- •1.5 किलोमीटर ऊंचे पहाड़ पर हजारों लोग ढोल और तलवारों के साथ पारंपरिक 'गैर नृत्य' करते हैं, जो गहरी सामुदायिक भावना को दर्शाता है.
- •करकेला धाम को इस क्षेत्र में होलिका दहन का पहला स्थान माना जाता है, जिसके बाद अन्य गांवों में आग जलाई जाती है.
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