मेवात में चांदी के कड़ों की रस्म पर महंगाई का 'ब्रेक', दहेज पर भारी पड़ेगा मैहर?

अलवर
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News18•01-02-2026, 11:11
मेवात में चांदी के कड़ों की रस्म पर महंगाई का 'ब्रेक', दहेज पर भारी पड़ेगा मैहर?
- •मेवात की अनूठी सांस्कृतिक पहचान और सदियों पुरानी शादी की परंपराएं चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण चुनौतियों का सामना कर रही हैं.
- •भारी चांदी के कड़े (250 ग्राम से 2 किलोग्राम) पहनना मेवात की एक प्रमुख शादी की रस्म है, जो वैवाहिक सुख और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है.
- •परंपरागत रूप से, दुल्हन के पिता या दूल्हे का परिवार ये कड़े प्रदान करता है, लेकिन बढ़ती चांदी की लागत इसे एक आर्थिक बोझ बना रही है.
- •सोने और चांदी की बढ़ती कीमतें मेवात में दहेज की मांगों और 'मैहर' (दहेज) की राशि के बीच संतुलन को प्रभावित कर रही हैं.
- •विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई से प्रेरित मैहर की उच्च लागत क्षेत्र में दहेज प्रथा को कमजोर कर सकती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महंगाई मेवात की पारंपरिक चांदी के कड़ों की रस्म को चुनौती दे रही है और विवाह में दहेज-मैहर की गतिशीलता को नया आकार दे रही है.
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