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होली पर फर्रुखाबाद में बताशों की मांग बढ़ी, पारंपरिक मिठाई बनी लोगों की पहली पसंद.
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होली पर गुजिया ही नहीं, फर्रुखाबाद में बटाशे की सदियों पुरानी परंपरा.
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News18
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04-03-2026, 21:43
होली पर गुजिया ही नहीं, फर्रुखाबाद में बटाशे की सदियों पुरानी परंपरा.
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फर्रुखाबाद के बाजारों में होली के दौरान खरपुड़ी (बटाशे) की भारी मांग देखी जा रही है.
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बटाशे होली की पूजा के लिए महत्वपूर्ण हैं और रिश्तेदारों को भी भेजे जाते हैं, जो त्योहार को खास बनाते हैं.
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एक सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, परिवार में किसी के निधन के बाद पहली होली पर दुख कम करने के लिए बटाशे लाए जाते हैं.
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चीनी और पानी से बने बटाशे सात्विक और शुद्ध माने जाते हैं, जो पूजा-पाठ और व्रत में चढ़ाए जाते हैं.
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60-100 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बिकने वाले इन बटाशों की तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है.
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