कन्नौज का रजनीगंधा इत्र हाथोंहाथ बिक रहा, बंगाल के फूल ने फूंकी जान

कन्नौज
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News18•02-02-2026, 18:03
कन्नौज का रजनीगंधा इत्र हाथोंहाथ बिक रहा, बंगाल के फूल ने फूंकी जान
- •कन्नौज का सदियों पुराना इत्र उद्योग अब रजनीगंधा इत्र के लिए नई पहचान बना रहा है, जिसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.
- •रजनीगंधा इत्र मुख्य रूप से दक्षिण भारत और बंगाल में पाए जाने वाले फूलों से पारंपरिक 'देग-भाप' विधि से तैयार किया जाता है.
- •यह प्राकृतिक इत्र अपनी तेज और लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू के कारण घर की खुशबू, पूजा और विशेष आयोजनों के लिए लोकप्रिय हो रहा है.
- •10 ग्राम इत्र की कीमत लगभग 600 रुपये से शुरू होती है, जो गुणवत्ता और पारंपरिक प्रक्रिया के आधार पर भिन्न होती है.
- •कन्नौज के रजनीगंधा इत्र की मांग देश-विदेश दोनों जगह बढ़ रही है, जिससे स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है और रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कन्नौज का रजनीगंधा इत्र, बंगाल के फूलों के सार से बना, अपनी प्राकृतिक और स्थायी खुशबू के लिए विश्व स्तर पर पहचान बना रहा है.
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