नैर के पत्ते 
बागेश्वर
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News1805-02-2026, 15:36

उत्तराखंड के पहाड़ी पत्ते 'नैयर' से महकाएं घर: महंगे परफ्यूम को भी फेल करता है ये नेचुरल फ्रेशनर.

  • उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाने वाला सुगंधित झाड़ी 'नैयर' स्थानीय लोगों के लिए एक प्राकृतिक परफ्यूम है.
  • गढ़वाल में इसे केदारपाती भी कहते हैं; इसकी पत्तियां सुगंधित तेलों से भरपूर होती हैं और धूप, सुगंध व औषधीय उपयोग के लिए एकत्र की जाती हैं.
  • सूखी नैयर की पत्तियों को जलाने से घर में प्राकृतिक सुगंध आती है, वातावरण शुद्ध होता है, कीटाणु कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा व मानसिक शांति मिलती है.
  • स्थानीय विशेषज्ञ रेणुका उपाध्याय के अनुसार, नैयर को जटामांसी जैसी अन्य सुगंधित जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर धूप बनाई जाती है, जो मानसिक शांति और तनाव कम करने में सहायक है.
  • नैयर की पत्तियां सर्दियों (दिसंबर-फरवरी) में एकत्र की जाती हैं और कुमाऊं व गढ़वाल के बाजारों में बेची जाती हैं, जिससे ग्रामीणों को आय मिलती है और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है.

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